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CTET पूरा सिलेबस 2026: पेपर 1 और पेपर 2 का पूरा ब्यौरा

हर सेक्शन, हर टॉपिक। CTET 2026 का पूरा सिलेबस, पेपर 1 और पेपर 2 दोनों के लिए, विषय दर विषय समझाया गया है ताकि आपको पता हो कि क्या पढ़ना है।

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CTET का पूरा सिलेबस 2026: परीक्षा में असल में क्या आता है

कोई भी किताब खोलने से पहले आपको पूरे इलाके का नक्शा चाहिए। यह गाइड CBSE की नवीनतम नोटिफिकेशन के आधार पर पेपर 1 और पेपर 2, दोनों का पूरा CTET 2026 सिलेबस, हर सेक्शन और हर विषय के हिसाब से समझाता है।

सिलेबस की बुनियादी बातें

दोनों पेपर मुख्य रूप से NCERT करिकुलम (कक्षा 1 से 8) पर आधारित हैं, इसलिए आपकी NCERT किताबें ही मुख्य स्टडी मटीरियल भी हैं।

हाल के सालों में सिलेबस के ढांचे में कोई बदलाव नहीं आया है। सेक्शन की सूची और वेटेज लगातार एक जैसी बनी हुई है।

हर सेक्शन में 30 सवाल और 30 नंबर हैं, सिवाय पेपर 2 के विषय विशेष सेक्शन के, जिसमें 60 नंबर हैं।

पेपर 1 सिलेबस (कक्षा 1 से 5)

1. चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी (CDP) - 30 नंबर

  • डेवलपमेंट का कॉन्सेप्ट और सीखने के साथ इसका संबंध
  • बाल विकास के सिद्धांत
  • आनुवंशिकता (heredity) और वातावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण की प्रक्रियाएं
  • पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की: सीखने के सिद्धांत और उनकी प्रासंगिकता
  • बाल केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा के कॉन्सेप्ट
  • बहु आयामी बुद्धिमत्ता (multi-dimensional intelligence) और भाषा, विचार
  • भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म की विविधता पर आधारित व्यक्तिगत भिन्नताएं
  • समावेशी शिक्षा (inclusive education) और विशेष जरूरत वाले बच्चे
  • सीखने के लिए मूल्यांकन बनाम सीखने का मूल्यांकन; CCE (सतत और व्यापक मूल्यांकन)

2. भाषा 1 (Language I) - 30 नंबर

  • रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (गद्य/नाटक और कविता के अंश)
  • व्याकरण और शाब्दिक क्षमता
  • भाषा विकास की शिक्षण विधि
  • भाषा सीखना और अर्जित करना
  • सुनने, बोलने, पढ़ने, लिखने (LSRW स्किल्स) की भूमिका
  • भाषा शिक्षण सामग्री और बहुभाषी कक्षाएं

3. भाषा 2 (Language II) - 30 नंबर

  • भाषा 1 जैसा ही ढांचा, लेकिन अलग भाषा होनी चाहिए
  • समझ, व्याकरण और भाषा शिक्षण की विधि
  • दूसरी भाषा पढ़ाने में आने वाली चुनौतियां

4. मैथ्स - 30 नंबर

  • कंटेंट: ज्यामिति, आकार, संख्याएं, जोड़ घटाव, माप, डेटा हैंडलिंग, पैटर्न
  • पेडागॉजी: गणित की प्रकृति, तार्किक सोच, समस्या हल करने की रणनीतियां, गलतियों का विश्लेषण, उपचारात्मक शिक्षण (remedial teaching)

5. एनवायरनमेंटल स्टडीज (EVS) - 30 नंबर

  • कंटेंट: परिवार और दोस्त, भोजन, आवास, पानी, यात्रा, हम जो बनाते और करते हैं
  • बेसिक साइंस और सोशल साइंस के कॉन्सेप्ट को जोड़ता है
  • पेडागॉजी: एक्टिविटी आधारित और जिज्ञासा आधारित सीखने के तरीके

पेपर 2 सिलेबस (कक्षा 6 से 8)

1. चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी (CDP) - 30 नंबर
पेपर 1 जैसा ही मूल ढांचा, लेकिन 11 से 14 साल के आयु वर्ग पर केंद्रित, और थोड़ी गहरी कॉन्सेप्चुअल एप्लीकेशन की उम्मीद रहती है।

2. भाषा 1 (Language I) - 30 नंबर
कक्षा 6 से 8 से जुड़ी समझ, व्याकरण और भाषा शिक्षण की विधि।

3. भाषा 2 (Language II) - 30 नंबर
भाषा 1 से अलग होनी चाहिए। संचार क्षमता और दूसरी भाषा की शिक्षण विधि की परख होती है।

4. इनमें से एक चुनें: मैथ्स एंड साइंस या सोशल स्टडीज/सोशल साइंस - 60 नंबर

मैथ्स एंड साइंस (30 + 30 नंबर):

  • मैथ्स: संख्या पद्धति, भिन्न (fractions), पूर्णांक, बीजगणित, अनुपात और समानुपात, ज्यामिति, क्षेत्रमिति (mensuration), डेटा हैंडलिंग
  • साइंस: भोजन, पदार्थ, जीव जगत, विद्युत परिपथ (electric circuits), चुंबक, प्राकृतिक घटनाएं, प्राकृतिक संसाधन
  • दोनों विषयों में पेडागॉजी बुनी हुई है, जैसे शिक्षण के तरीके, आम गलतफहमियां, एक्टिविटी डिज़ाइन

सोशल स्टडीज/सोशल साइंस (60 नंबर):

  • इतिहास: प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत, औपनिवेशिक काल, आजादी के बाद का भारत
  • भूगोल: पृथ्वी, ग्लोब, पर्यावरण, पानी, हवा, कृषि, संसाधन
  • सामाजिक और राजनीतिक जीवन: लोकतंत्र, सरकार, मीडिया, लिंग, न्यायपालिका, संविधान
  • पेडागॉजी: आलोचनात्मक सोच, प्राथमिक स्रोतों (primary sources) का उपयोग, जिज्ञासा आधारित कक्षा चर्चा

ध्यान दें: मैथ्स एंड साइंस या सोशल स्टडीज में से आपकी पसंद तभी तय हो जाती है जब आप परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन जमा करने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता। इसलिए जल्दी फैसला लें, क्योंकि यही आपके पूरे पेपर 2 स्टडी प्लान की दिशा तय करता है।

इस सिलेबस का इस्तेमाल कैसे करें

इस ब्यौरे को प्रिंट करें या बुकमार्क कर लें, और जैसे जैसे टॉपिक पूरे करें, उन्हें चेक करते जाएं।

CDP दोनों पेपर में साझा जमीन है। एक ही मूल सिद्धांत (पियाजे, वायगोत्स्की, कोहलबर्ग, समावेशी शिक्षा) दोनों पेपर में आता है, इसलिए इसे एक बार अच्छी तरह पढ़ना दोहरा फायदा देता है।

पहले NCERT, फिर गाइडबुक। मैथ्स, EVS, साइंस और सोशल स्टडीज के लिए, CTET की खास गाइड में जाने से पहले संबंधित NCERT चैप्टर पढ़ें।

पेडागॉजी को नजरअंदाज न करें। हर विषय के सेक्शन में काफी नंबर शिक्षण विधि से जुड़े सवालों से आते हैं, सिर्फ कंटेंट याद रखने से नहीं।

हम जल्द ही CDP, मैथ्स पेडागॉजी और EVS पर विषय के हिसाब से विस्तृत पोस्ट लेकर आएंगे। जल्द ही दोबारा देखें।

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