Question
Easy
आकाश का साफा बाँधकर, सूरज की चिलम खींचता' कौन बैठा है ?
1
पहाड़
2
नदी
3
वन
4
सागर
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: अलंकार
Topic: अर्थालंकार
Correct Answer
Option A
Explanation
आकाश का साफा बाँधकर, सूरज की चिलम खींचता' पहाड़ बैठा है। यह एक रूपक है जो पहाड़ की ऊँचाई और उसके स्थायित्व को दर्शाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. Option 1: पहाड़ (Correct Answer) - पहाड़ की ऊँचाई और उसकी विशालता को आकाश के साफे से तुलना की गई है। पहाड़ अक्सर बादलों के ऊपर होते हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे आकाश को अपने…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2019
जिस अलंकार में काव्य-वर्णन वास्तविकता से बहुत दूर चला जाता है, कहा जाता है -
Chapter :
अलंकार
Topic :
अर्थालंकार
Question 2
Easy
Source :
HTET 2020
सुमेलित कीजिए : (क) जो घनीभूत पीड़ा थी मस्तक में स्मृति-सी छायी दुर्दिन में आँसू बनकर वह आज बरसने आयी। — (i) रूपक (ख) विरह…
Chapter :
अलंकार
Topic :
अर्थालंकार
Question 3
Easy
Source :
HTET 2020
हाथ-पैर का काँपना, स्तंभ, रोमांच, मुखवैवर्ण्य, स्वर-परिवर्तन' इत्यादि किस रस के अनुभाव हैं ?
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
रस
Question 4
Easy
Source :
HTET 2021
‘चंद्र ते लजात जलजात जग जानत है।
आज जलजात ते लजात चंद देखौ मैं।।’
प्रस्तुत पंक्तियों में अलंकार है :
Chapter :
अलंकार
Topic :
अर्थालंकार