Question
Easy
रस के संदर्भ में असंगत कथन चुनिए :
1
रस का आस्वाद्य लौकिक है, जबकि रस अलौकिक है।
2
अन्य ज्ञान से शून्य या रहित होना ही 'लोकोत्तर चमत्कार' है।
3
‘विभावानुभावव्यभिचारिसंयोगाद्ररसनिष्पत्तिः’ आचार्य भरतमुनि प्रदत्त रस-निष्पत्ति सूत्र है।
4
नाटक में शोक एवं दुःख की घटनाओं के वर्णन से आनंदानुभूति होती है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option B
Explanation
प्रश्न: रस के संदर्भ में असंगत कथन चुनिए : सही उत्तर: विकल्प 2 विस्तृत व्याख्या: 1. विकल्प 2: अन्य ज्ञान से शून्य या रहित होना ही 'लोकोत्तर चमत्कार' है। - यह कथन असंगत है क्योंकि 'लोकोत्तर चमत्कार' का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति अन्य ज्ञान से शून्य या रहित हो जाता है। 'लोकोत्तर चमत्कार' का अर्थ है कि रस का अनुभव सामान्य लौकिक अनुभवों से परे होता है और…Read More
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