सुमेलित कीजिए : (क) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – (i) हिंदी साहित्य की भूमिका (ख) अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' – (ii) हिंदी साहित्य-विमर्श (ग) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी – (iii) हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास (घ) डॉ० रामस्वरूप चतुर्वेदी – (iv) हिंदी भाषा और उसके साहित्य का विकास कूट :
सही उत्तर विकल्प 4 है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – हिंदी साहित्य-विमर्श (ii): पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी हिंदी साहित्य के एक प्रमुख आलोचक और विचारक थे। उनका कार्य "हिंदी साहित्य-विमर्श" के अंतर्गत आता है, जो हिंदी साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर विचार करता है। 2. अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' – हिंदी भाषा और उसके साहित्य का विकास (iv): अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' ने हिंदी भाषा…Read More
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