Question
Easy

हरिऔध' द्वारा रचित 'प्रियप्रवास' कितने सर्गों में विभक्त है ?

1
नौ
2
सोलह
3
सत्रह
4
अठारह
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: हरिऔध
Topic: प्रिय प्रवास
Correct Answer
Option C
Explanation

'प्रियप्रवास' हरिऔध द्वारा रचित एक महाकाव्य है जो हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह महाकाव्य सत्रह सर्गों में विभक्त है, जो इसे एक विस्तृत और गहन रचना बनाता है। 1. विस्तृत व्याख्या: 'प्रियप्रवास' का मुख्य विषय भगवान श्रीकृष्ण का वृंदावन से मथुरा तक का प्रवास है। इस महाकाव्य में हरिऔध ने श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं को सत्रह सर्गों में विभाजित करके प्रस्तुत किया है। प्रत्येक…Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy

Source :

HTET 2019
नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत कूट नग-पग तल में। पीयूष स्रोत-सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में ।।' प्रस्तुत पंक्तियाँ 'कामायनी' के…
Chapter :
जयशंकर प्रसाद
Topic :
कामायनी
Question 2
Easy

Source :

HTET 2019
रविन्द्रनाथ ठाकुर की प्रसिद्ध कविता 'आत्मप्राण' का बंगला से हिन्दी में अनुवाद किस प्रसिद्ध आलोचक ने किया है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 3
Easy

Source :

HTET 2019
"सच्चा प्रेम वही है जिसकी तृप्ति आत्मबल पर हो निर्भर, त्याग बिना निष्प्राण प्रेम है करो प्रेम पर प्राण निछावर।" उक्त पंक्तियाँ किस कवि द्वारा…
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy

Source :

HTET 2019
मधुप' उपनाम से किस कवि ने माइकल मधुसूदन दत्त की रचनाओं का अनुवाद किया ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
- HTET Level 2 | Clear Cutoff