Question
Easy
पुष्प-पुष्प से तंद्रालस लालसा खींच लूँगा मैं, अपने नव जीवन का अमृत सहर्ष सींच दूँगा मैं।' प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता हैं :
1
सुमित्रानन्दन पंत
2
शमशेर बहादुर सिंह
3
नागार्जुन
4
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: नामवर सिंह
Topic: छायावाद
Correct Answer
Option D
Explanation
प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' हैं। यह पंक्तियाँ उनकी काव्य शैली और विषयवस्तु को दर्शाती हैं, जो उनके साहित्यिक योगदान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। निराला जी की कविताएँ अक्सर जीवन के नवोत्थान और आत्मिक उन्नति की बात करती हैं, जो इस पंक्ति में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनकी रचनाओं में प्रकृति, मानव जीवन और आत्मा की गहराइयों का सुंदर चित्रण होता है, जो इस…Read More
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