Question
Easy
रजनी बीती, भोर भयो है, घर-घर खूले किंवारे। गोपी दही मथत, सुनियत हैं कंगना के झनकारे।' किसकी पंक्तियाँ हैं ?
1
सूरदास
2
मीराबाई
3
घनानंद
4
केशवदास
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation
यह प्रश्न मीराबाई की पंक्तियों के बारे में है। दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर विकल्प 2 है, जो मीराबाई को दर्शाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. मीराबाई (विकल्प 2): मीराबाई भक्ति काल की एक प्रमुख कवयित्री थीं, जिनकी रचनाएँ भगवान कृष्ण के प्रति उनकी गहरी भक्ति को दर्शाती हैं। उनकी कविताओं में भक्ति, प्रेम और समर्पण की भावना प्रकट होती है। प्रश्न में दी गई…Read More
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