Question
Easy

"हौं तो खेलौ पिया संग होरी दरस-परत पतिबरता पिय की छबि निरखत भई बौरी।" प्रस्तुत पंक्तियाँ किस संत कवि की हैं ?

1
पलटू साहब
2
यारी साहब
3
जांभोजी
4
रज्जब
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

प्रस्तुत प्रश्न में दी गई पंक्तियाँ "हौं तो खेलौ पिया संग होरी दरस-परत पतिबरता पिय की छबि निरखत भई बौरी।" संत कवि यारी साहब की हैं। आइए, हम इस उत्तर को सही ठहराने के लिए विस्तृत व्याख्या करें: 1. यारी साहब (Option 2) के पक्ष में तर्क: - यारी साहब एक प्रसिद्ध संत कवि थे, जिनकी रचनाएँ भक्ति और प्रेम के भावों से ओतप्रोत होती थीं। उनकी कविताओं में अक्सर…Read More

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