Question
Easy
जयशंकर प्रसाद की रचनाओं के विषय में कौन-सा कथन असंगत है ?
1
जयशंकर प्रसाद प्रारंभ में ‘कलाधर’ उपनाम से ब्रजभाषा में रचना करते थे।
2
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘कामायनी’ को मानवता का रसात्मक इतिहास कहा है।
3
चित्तवृत्तियों का कथानक के पात्र के रूप में अवतरण इस काव्य की अन्यतम विशेषता है।
4
जयशंकर प्रसाद को कामायनी लेखन की प्रेरणा ‘शतपथ ब्राह्मण’ ग्रंथ से प्राप्त हुई मानी जाती है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation
जयशंकर प्रसाद की रचनाओं के विषय में दिए गए कथनों में से विकल्प 2 को असंगत माना गया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. विकल्प 2: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘कामायनी’ को मानवता का रसात्मक इतिहास कहा है। यह कथन असंगत है क्योंकि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'कामायनी' को इस प्रकार से नहीं वर्णित किया है। 'कामायनी' को मानवता के विकास और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाता है,…Read More
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