Question
Easy

निम्नलिखित में से किस विद्वान् ने कहा कि 'मनोवैज्ञानिक तथ्य के अनुसार हार की मनोवृत्ति में दो बातें सम्भव हैं, या तो अपनी आध्यात्मिक श्रेष्ठता दिखाना, या भोग-विलास में पड़कर हरि को भूल जाना। भक्तिकाल में लोगों में प्रथम प्रकार की प्रवृत्ति पायी गई' ?

1
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
2
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
3
बाबू गुलाबराय
4
डॉ० रामकुमार वर्मा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation

बाबू गुलाबराय ने यह विचार व्यक्त किया कि 'मनोवैज्ञानिक तथ्य के अनुसार हार की मनोवृत्ति में दो बातें सम्भव हैं, या तो अपनी आध्यात्मिक श्रेष्ठता दिखाना, या भोग-विलास में पड़कर हरि को भूल जाना। भक्तिकाल में लोगों में प्रथम प्रकार की प्रवृत्ति पायी गई।' यह कथन इस बात को दर्शाता है कि बाबू गुलाबराय ने भक्तिकाल के समाज की मनोवृत्ति का विश्लेषण किया और यह निष्कर्ष निकाला कि उस समय…Read More

Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy

Source :

HTET 2020
“तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है। यहाँ तक कि बचपन की दिलचस्पियाँ भी बदल गई हैं।” प्रस्तुत…
Chapter :
मन्नू भंडारी
Topic :
एक कहानी यह भी
Question 2
Easy

Source :

HTET 2020
मनुवाँ तो दहुँ दिसि फिरै, यह तौ सुमिरन नाहिं।' उक्त काव्यांश किस कवि का है ?
Chapter :
कबीर
Topic :
साखी
Question 3
Easy

Source :

HTET 2020
निम्नलिखित में से हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित आत्मकथा-खण्डों का शीर्षक नहीं है :
Chapter :
विश्वनाथ त्रिपाठी
Topic :
आत्मकथा
Question 4
Easy

Source :

HTET 2020
"उन्होंने 'निज भाषा' शब्द का व्यवहार किया है, 'मिली-जुली', 'आमफहम', 'राष्ट्रभाषा' आदि शब्दों का नहीं। प्रत्येक जाति की अपनी भाषा है और वह निज भाषा…
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
- HTET Level 2 | Clear Cutoff