Question
Easy

"उन्होंने 'निज भाषा' शब्द का व्यवहार किया है, 'मिली-जुली', 'आमफहम', 'राष्ट्रभाषा' आदि शब्दों का नहीं। प्रत्येक जाति की अपनी भाषा है और वह निज भाषा की उन्नति के साथ उन्नत होती है।" आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का यह कथन किस विद्वान् के प्रति है ?

1
चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'
2
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
3
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
4
बालकृष्ण भट्ट
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का कथन "उन्होंने 'निज भाषा' शब्द का व्यवहार किया है, 'मिली-जुली', 'आमफहम', 'राष्ट्रभाषा' आदि शब्दों का नहीं। प्रत्येक जाति की अपनी भाषा है और वह निज भाषा की उन्नति के साथ उन्नत होती है।" भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के प्रति है। 1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (Option 2): भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को हिंदी साहित्य के आधुनिक युग का जनक माना जाता है। उन्होंने हिंदी भाषा के विकास और उन्नति के लिए…Read More

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