Question
Easy
अब कैसे छूटे राम-नाम रट लागी। प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।' पंक्तियाँ किस कवि की हैं ?
1
कबीरदास
2
मलूकदास
3
रैदास
4
सुंदरदास
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation
पंक्तियाँ "अब कैसे छूटे राम-नाम रट लागी। प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।" संत रैदास की हैं। संत रैदास एक प्रसिद्ध भक्ति कवि थे, जिनका जीवन और रचनाएँ भक्ति आंदोलन के महत्वपूर्ण अंग मानी जाती हैं। उनकी कविताओं में भगवान के प्रति गहरी भक्ति और समर्पण की भावना प्रकट होती है। इस विशेष पंक्ति में, रैदास ने भगवान के साथ अपने संबंध को चन्दन और पानी के…Read More
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