Question
Easy

असंगत कथन को छाँटिए :

1
देव कृत 'रागरत्नाकर' संगीत विषयक लक्षण ग्रंथ है।
2
कविवर देव का पूरा नाम देवदत्त था।
3
अलंकार निरूपण में देव ने चिंतामणि को आदर्श माना है।
4
देव कृत 'देवचरित्र' कृष्ण जीवन से संबंधित प्रबंधकाव्य है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation

Option 3: "अलंकार निरूपण में देव ने चिंतामणि को आदर्श माना है।" को असंगत कथन के रूप में चुना गया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. Option 3 की व्याख्या: - यह कथन असंगत है क्योंकि देव ने अपने साहित्यिक कार्यों में 'चिंतामणि' को अलंकार निरूपण के लिए आदर्श नहीं माना है। देव का साहित्य मुख्यतः रीतिकालीन काव्य पर आधारित है और उनके कार्यों में अलंकारों का वर्णन…Read More

- HTET Level 2 | Clear Cutoff