Question
Easy
"सगुण अलंकारन सहित दोष रहित जो होइ। शब्द अर्थ ताको कवित विबुध कहत सब कोइ ।।" 'काव्य' के संदर्भ में उक्त मत किस रीतिकालीन आचार्य का है ?
1
श्रीपति
2
केशवदास
3
आचार्य चिंतामणि
4
भिखारीदास
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: काव्य के तत्व
Correct Answer
Option C
Explanation
उक्त प्रश्न में दिए गए श्लोक के संदर्भ में 'काव्य' के बारे में जो मत प्रस्तुत किया गया है, वह रीतिकालीन आचार्य आचार्य चिंतामणि का है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. आचार्य चिंतामणि (Option 3): आचार्य चिंतामणि रीतिकाल के प्रमुख आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने काव्यशास्त्र के सिद्धांतों पर विशेष ध्यान दिया। उनके अनुसार, एक उत्तम काव्य वह होता है जिसमें सगुण अलंकारों का समावेश हो और जो…Read More
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