Question
Easy
छायावाद' को किस आलोचक ने, 'अभिव्यंजनावाद का विलायती संस्करण' कहा है ?
1
मुकुटधर पाण्डेय
2
महावीर प्रसाद द्विवेदी
3
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
4
डॉ० रामकुमार वर्मा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: नामवर सिंह
Topic: छायावाद
Correct Answer
Option C
Explanation
छायावाद' को 'अभिव्यंजनावाद का विलायती संस्करण' कहने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को दिया जाता है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हिंदी साहित्य के प्रमुख आलोचक और इतिहासकार थे। उन्होंने हिंदी साहित्य के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का गहन अध्ययन किया और उनके विश्लेषण में छायावाद को अभिव्यंजनावाद के रूप में देखा। उनका मानना था कि छायावाद में भावनाओं और विचारों की गहन अभिव्यक्ति होती है, जो अभिव्यंजनावाद की विशेषता है। इस…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2018
असंगत कथन को छाँटिए :
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 2
Easy
Source :
HTET 2019
"सगुण अलंकारन सहित दोष रहित जो होइ। शब्द अर्थ ताको कवित विबुध कहत सब कोइ ।।" 'काव्य' के संदर्भ में उक्त मत किस रीतिकालीन आचार्य…
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
काव्य के तत्व
Question 3
Easy
Source :
HTET 2019
"मैं तुमसे बात किया करता हूँ। और यही मेरी कविता है।"
प्रस्तुत काव्य-पंक्तियाँ किस कवि की हैं ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy
Source :
HTET 2020
निम्नलिखित में से रीतिकालीन काव्य की प्रवृत्ति नहीं है :
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास