Question
Easy

निम्नलिखित में से रीतिकालीन काव्य की प्रवृत्ति नहीं है :

1
आचार्यत्व-प्रदर्शन
2
आलंकारिकता के प्रति विशेष आग्रह
3
नारी के आदर्श रूप का चित्रण
4
नख-शिख वर्णन
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation

रीतिकालीन काव्य की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करते समय, यह महत्वपूर्ण है कि हम समझें कि इस काल के काव्य में किन तत्वों पर विशेष ध्यान दिया गया था और किन पर नहीं। 1. आचार्यत्व-प्रदर्शन: रीतिकालीन काव्य में आचार्यत्व-प्रदर्शन का विशेष महत्व था। इस काल के कवि अपने विद्वत्ता और काव्यशास्त्र के ज्ञान को प्रदर्शित करने में रुचि रखते थे। वे अपने काव्य में शास्त्रीय नियमों और सिद्धांतों का पालन करते…Read More

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