Question
Easy

प्रेमाख्यान काव्य' के संबंध में असंगत कथन है :

1
प्रेमाख्यान काव्य प्रबंधात्मक शैली में रचित हैं।
2
प्रेमाख्यान काव्य का प्रधान रस 'शांत' है।
3
प्रेमाख्यान काव्य में कथानक रूढ़ियों का प्रयोग हुआ है।
4
प्रेमाख्यान काव्य के पात्र मुख्यतः मानवीय और मानवेतर श्रेणी के हैं।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

प्रेमाख्यान काव्य के संबंध में असंगत कथन के रूप में विकल्प 2 को सही उत्तर माना गया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: 1. विकल्प 2: प्रेमाख्यान काव्य का प्रधान रस 'शांत' है। - प्रेमाख्यान काव्य का प्रधान रस 'शृंगार' होता है, न कि 'शांत'। प्रेमाख्यान काव्य में प्रेम और रोमांस की प्रधानता होती है, जो शृंगार रस के अंतर्गत आता है। शांत रस का संबंध वैराग्य और शांति…Read More

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