Question
Easy
रीतिकाल के संदर्भ में असंगत कथन चुनिए :
1
चिंतामणि के अनुसार रीति – 'रीति सुभाषा कवित्त की बरनत बुध अनुसार' है।
2
आचार्य देव अभिधा शब्द शक्ति युक्त काव्य को उत्तम काव्य कहते हैं एवं तात्पर्या नामक चौथी शब्द-शक्ति की उद्भावना करते हैं।
3
घनानन्द के काव्यभाषा की विशेषताएँ – भावजन्य वक्रता की प्रधानता, लाक्षणिकता एवं गहन पीड़ा की अभिव्यक्ति हैं।
4
आचार्य शुक्ल रीतिकाल को शृंगारकाल कहने के संदर्भ में पूर्णतः असहमत हैं।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option D
Explanation
रीतिकाल के संदर्भ में दिए गए कथनों में से असंगत कथन चुनने के लिए हमें प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करना होगा: 1. विकल्प 1: "चिंतामणि के अनुसार रीति – 'रीति सुभाषा कवित्त की बरनत बुध अनुसार' है।" - यह कथन सही है क्योंकि चिंतामणि में रीति का वर्णन इसी प्रकार किया गया है। यह रीति काव्य की विशेषताओं को दर्शाता है। 2. विकल्प 2: "आचार्य देव अभिधा शब्द शक्ति युक्त…Read More
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