निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
"जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपनी बुद्धि से काम लेता है और परिश्रम, ईमानदारी तथा विवेक से काम करता है। वह सभी का सम्मान करता है और बड़ों के प्रति अप्रिय शब्द नहीं बोलता। सभी से नम्रता और उदारता का व्यवहार करता है। यही सुमति के गुण हैं। जहाँ सुमति नहीं रहती वहाँ दंभ, अहंकार, क्रोध और अधीरता के दुर्गुणों का साम्राज्य रहता है। सुमति के न रहने से ही तो कुमति आती है। सुमतिहीन लोगों से संपत्ति भी सदैव दूर रहती है और उनका कोई आदर और सम्मान भी नहीं करता। इसी कारण ऐसे लोग विपत्तियों तथा कष्टों से घिरे रहते हैं। इसलिए गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड में कहा है - जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना।।"
'काम' शब्द का तत्सम रूप है -
'काम' शब्द का तत्सम रूप 'कर्म' है। तत्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से सीधे रूप में हिंदी में आए हैं और जिनका रूप लगभग अपरिवर्तित रहता है। 'कर्म' संस्कृत का शब्द है और इसका अर्थ होता है कार्य या काम। इस प्रकार, 'काम' का तत्सम रूप 'कर्म' है। अब अन्य विकल्पों की चर्चा करते हैं: 1. क्रम: यह शब्द भी संस्कृत से आया है, लेकिन इसका अर्थ 'क्रम'…Read More
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