Question
Easy

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर लिखिए :

बहुत दूर तक और बहुत काल से पीड़ा पहुँचाते चले आते हुए किसी घोर अत्याचारी का बना रहना ही लोक की क्षमा की सीमा है | इनके आगे क्षमा न दिखाई देगी, नैराश्य, कायरता और शीथिलता छोड़ दिखाई पड़ेगी | ऐसी गहरी उदासी की छाया के बीच आशा, उत्साह और तत्परता की प्रभा जिस क्रोधाग्नि के साथ फूटती दिखाई पड़ेगी, उसके सौन्दर्य का अनुभव सारा लोक करेगा | राम का कालाग्नि सदृश क्रोध ऐसा ही है | वह सात्विक तेज है; तामस ताप नहीं | दण्ड कोप का ही एक विधान है | राजदण्ड राजकोप है और लोककोप धर्मकोप है | जहाँ राजकोप धर्मकोप से एकदम भिन्न दिखाई पड़े, वहाँ उसे राजकोप न समझकर कुछ विशेष मनुष्यों का कोप समझना चाहिए | ऐसा कोप राजकोप के महत्व और पवित्रता का अधिकारी नहीं हो सकता | उसको समान जनता अपने लिए आवश्यक नहीं समझ सकती |

'घोर' शब्द का पर्याय है -

1
कठिन
2
निश्चित
3
सहज
4
दुर्बोध
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: REET
Level/Paper: Paper 2
Chapter:
Topic:
Correct Answer
Option A
Explanation

'घोर' शब्द का पर्याय 'कठिन' है, और इसे सही विकल्प के रूप में चुना गया है। आइए इसे विस्तार से समझें: 1. कठिन (Option 1): 'घोर' का अर्थ होता है अत्यधिक गंभीर, भयंकर या कठिन। यह शब्द अक्सर किसी गंभीर स्थिति या कठिनाई को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, 'घोर संकट' का अर्थ होता है एक बहुत ही गंभीर या कठिन संकट। इसलिए, 'कठिन'…Read More