अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा निम्नलिखित: प्रश्ना: समाधेया: –
महाराणाप्रतापस्य पुण्यभूमिं 'मेवाड़' राज्यं को न जानाति ? इदं राज्यं शूराणाम् शौर्येण, यूनाम् आत्माहुत्या, सतीनाञ्च 'जौहर' परम्परया विश्वस्मिन् जगति महतीम् प्रसिद्धिम् अलभत। मेवाड़राज्यस्य सिसोदियावंशे बप्पारावल-राणाहमीर-राणासांगा-प्रभृति-वीराणाम् सुदीर्घा परम्परा विद्यते। प्रताप: बाल्यकालादेव वीरयोद्धा, कुशल सेनानी, धीरनायकश्चासीत्।
यूनाम् आत्माहुत्या – रेखाङ्कितपदे वचनम् अस्ति
रेखाङ्कितपदे "यूनाम्" वचनम् बहुवचनम् अस्ति। संस्कृत भाषा में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि शब्दों के तीन वचन होते हैं: एकवचनम् (एक के लिए), द्विवचनम् (दो के लिए), और बहुवचनम् (दो से अधिक के लिए)। 1. बहुवचनम् (Option 3): "यूनाम्" शब्द का रूप बहुवचन में है। संस्कृत में "युवा" शब्द का बहुवचन रूप "यूनाम्" होता है। यह रूप तब प्रयोग होता है जब एक से अधिक युवाओं की बात की जा रही…Read More
Source :
Source :
Source :
Source :