Question
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“वरमेको गुणी पुत्रो, न च मूर्खशतान्यपि। एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति, न च तारासहस्रकम्।।” श्लोकेऽस्मिन् आहत्य कति अव्ययपदानि ?

1
द्वे
2
त्रीणि
3
सप्त
4
षट्
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: व्ययपद
Topic: अव्ययपद (Part 1)
Correct Answer
Option D
Explanation

यह प्रश्न दिए गए संस्कृत श्लोक में अव्यय पदों की कुल संख्या ज्ञात करने के लिए पूछा गया है। प्रश्न का अर्थ: "श्लोकेऽस्मिन् आहत्य कति अव्ययपदानि ?" इस प्रश्न का अर्थ है कि "इस श्लोक में कुल कितने अव्यय पद हैं?" अव्यय वे पद होते हैं जिनमें लिंग, वचन, विभक्ति के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, वे सदैव एक समान रहते हैं। विकल्प 4 (षट्) सही क्यों है: दिए गए…Read More

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