Question
Easy

भवन्ति नम्रास्तरव: फलोद्गमै:, नवाम्बुभिर्दूरविलम्बिनो घना:। अनुद्धता: सत्पुरुषा: समृद्धिभि:, स्वभाव एवैष ............ ॥” श्लोकेऽस्मिन् केषां स्वभावो वर्णितः ?

1
विद्यार्थिनाम्
2
सत्पुरुषाणाम्
3
परोपकारिणाम्
4
वीरपुरुषाणाम्
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: छन्दांसि
Topic: अनुष्टुप्
Correct Answer
Option C
Explanation

यह रहा दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत हिंदी स्पष्टीकरण: प्रश्न का अर्थ: दिए गए श्लोक का अर्थ है: "फल लगने पर वृक्ष विनम्र हो जाते हैं (झुक जाते हैं), नए जल से (भरकर) बादल नीचे लटक जाते हैं (भारी हो जाते हैं)। सज्जन पुरुष समृद्धि प्राप्त करके भी उद्दंड नहीं होते (विनम्र रहते हैं)। यह स्वभाव ही है ............ ॥” प्रश्न पूछता है: "श्लोकेऽस्मिन् केषां स्वभावो वर्णितः ?"…Read More