Question
Easy

लब्धाऽपि दुःखेन पाल्यते। न परिचयं रक्षति। नाभिजनमीक्षते। कस्य ग्रन्थस्य पंक्तयः सन्ति -

1
हर्षचरितस्य
2
शुकनासोपदेशस्य
3
अभिज्ञानशाकुन्तलस्य
4
रघुवंशस्य
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: गद्यकाव्यकवयः
Topic: बाणभट्टः
Correct Answer
Option B
Explanation

निश्चित रूप से, दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत और शुद्ध हिन्दी में स्पष्टीकरण यहाँ प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: प्रश्न है: "लब्धाऽपि दुःखेन पाल्यते। न परिचयं रक्षति। नाभिजनमीक्षते। कस्य ग्रन्थस्य पंक्तयः सन्ति -" इसका अर्थ है: "जो प्राप्त होने पर भी कठिनाई से पाली जाती है (या बनाए रखी जाती है), परिचय की रक्षा नहीं करती (अर्थात् किसी से परिचय नहीं रखती), और कुल को नहीं देखती (अर्थात्…Read More

- HTET Level 2 | Clear Cutoff