Question
Easy
माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' इयं पंक्तिरुद्धृता -
1
अथर्ववेदस्य 12/11 त:
2
अथर्ववेदस्य 12/1 त:
3
अथर्ववेदस्य 12/21 त:
4
अथर्ववेदस्य 12/31 त:
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: व्याकरणम्
Correct Answer
Option B
Explanation
प्रश्न का अर्थ: प्रस्तुत संस्कृत प्रश्न का अर्थ है: "माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' (अर्थात् पृथ्वी मेरी माता है और मैं पृथ्वी का पुत्र हूँ) यह पंक्ति कहाँ से उद्धृत की गई है?" यहाँ चार विकल्प दिए गए हैं जिनमें अथर्ववेद के विभिन्न काण्डों और सूक्तों का उल्लेख है। हमें यह पहचानना है कि यह प्रसिद्ध वैदिक पंक्ति अथर्ववेद के किस विशिष्ट भाग से ली गई है। **सही विकल्प (विकल्प 2)…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2021
“अहं कार्यं करिष्यामि।” अत्र रेखाङ्कितपदस्य लङ्लकारे परिवर्तनं कुरुत –
Chapter :
षड्वेदाङ्गानि
Topic :
व्याकरणम्
Question 2
Easy
Source :
HTET 2022
भू-धातो: लिङि रूपं नास्ति -
Chapter :
षड्वेदाङ्गानि
Topic :
व्याकरणम्
Question 3
Easy
Source :
HTET 2022
जगति' शब्दरूपं वर्तते -
Chapter :
षड्वेदाङ्गानि
Topic :
व्याकरणम्
Question 4
Easy
Source :
HTET 2022
सभी नदियों को नमस्कार करता हूँ।'
वाक्यस्य समुचित: संस्कृतनुवादोऽस्ति -
Chapter :
षड्वेदाङ्गानि
Topic :
व्याकरणम्