Question
Easy
गुरु से धन स्वीकार करो।' इत्यस्य वाक्यस्य संस्कृतनुवाद: -
1
गुरुणा धनं स्वीकरोतु।
2
गुरुम् धनं स्वीकरोतु।
3
गुरो: धनं स्वीकरोतु।
4
गुरौ धनं स्वीकरोतु।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: व्याकरणम्
Correct Answer
Option C
Explanation
निश्चित रूप से, दिए गए संस्कृत बहुविकल्पीय प्रश्न का विस्तृत स्पष्टीकरण यहाँ हिंदी में प्रस्तुत है: प्रश्न का अर्थ: दिए गए प्रश्न "गुरु से धन स्वीकार करो।" का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को अपने गुरु से धन ग्रहण करने के लिए कहा जा रहा है। यह एक आज्ञा या अनुरोध है जिसमें 'गुरु' धन देने का स्रोत हैं और 'धन' वह वस्तु है जिसे स्वीकार किया जाना है। हमें…Read More
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