Question
Easy
शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने इत्यस्यां पंक्तौ किं छन्द: ?
1
मन्दाक्रान्ता
2
शिखरिणी
3
शार्दूलविक्रीडितम्
4
स्रग्धरा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: षड्वेदाङ्गानि
Topic: छन्दः
Correct Answer
Option C
Explanation
यह प्रश्न दी गई संस्कृत पंक्ति "शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने" में प्रयुक्त छन्द की पहचान करने के लिए पूछा गया है। सही विकल्प (विकल्प 3: शार्दूलविक्रीडितम्) क्यों सही है, इसका विस्तृत स्पष्टीकरण: दी गई पंक्ति "शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने" का छन्द शार्दूलविक्रीडितम् है। शार्दूलविक्रीडितम् एक वार्णिक छन्द है जिसके प्रत्येक पाद (पंक्ति) में 19 वर्ण होते हैं। इसका लक्षण इस प्रकार है: सूर्याश्वैर्मसजस्तताः सगुरवः शार्दूलविक्रीडितम्। इस लक्षण का…Read More
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