Question
Easy
तेरे दिमाग में तो लोहा भरा है! विद्या का ताप कहाँ लगेगा इसमें ।' त्रिलोक सिंह के इस कथन को लेखक ने क्या कहा है ?
1
सर्जन की चमक
2
जबान का चाबुक
3
जबान की धार
4
जबान की तलवार
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: समास एवं मुहावरे
Topic: मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
Correct Answer
Option B
Explanation
'जबान का चाबुक' त्रिलोक सिंह के कथन को लेखक द्वारा कहे जाने का सबसे उपयुक्त कारण यह है कि यह कथन कठोर और व्यंग्यात्मक है। "तेरे दिमाग में तो लोहा भरा है! विद्या का ताप कहाँ लगेगा इसमें" यह वाक्य सीधे तौर पर बच्चे की बुद्धि को कम आंक रहा है और उसे ताना मार रहा है। 'जबान का चाबुक' एक ऐसा मुहावरा है जो कठोर और चुभने वाली बातों…Read More
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