Question
Easy
"प्रभु प्रलाप सुनि कान, बिकल भए बानर निकर। आइ गयउ हनुमान जिमि करुना मुँह बीर रस ।।" उक्त छंद का प्रकार है :
1
दोहा
2
रोला
3
सोरठा
4
उल्लाला
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: छंद
Correct Answer
Option C
Explanation
सोरठा व्याख्या: यह छंद सोरठा है, इसका कारण यह है कि सोरठा दोहे का उल्टा होता है। दोहे के पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं, जबकि दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। सोरठा में, पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं, और दूसरे और चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं। दिए गए छंद में: * पहला चरण: "प्रभु प्रलाप सुनि कान"…Read More
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