Question
Easy
"मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ, उन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ।" प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता हैं :
1
कुँवर नारायण
2
आलोक धन्वा
3
रघुवीर सहाय
4
हरिवंश राय बच्चन
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: साहित्यिक सौंदर्य
Topic: भाव सौंदर्य
Correct Answer
Option D
Explanation
हरिवंश राय बच्चन व्याख्या: प्रस्तुत पंक्तियाँ "मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ, उन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ" हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित कविता "आत्म-परिचय" से ली गई हैं। यह कविता बच्चन जी की प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है और उनके काव्य संग्रह "निशा निमंत्रण" में संकलित है। इन पंक्तियों में कवि अपने जीवन के विरोधाभासों और भावनाओं को व्यक्त करते हैं। वे यौवन के उत्साह और उमंग…Read More
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