Question
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“श्री रघुनाथ-प्रताप की बात तुम्हें दसकंठ न जानि परी। तेलनि-तूलनि पूँछि जरी न जरी, जरी लंक जराई जरी।” प्रस्तुत पंक्तियाँ किस प्रसिद्ध रचना का अंश हैं ?

1
रामायण
2
रामचरितमानस
3
हनुमानबाहुक
4
रामचंद्रिका
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: तुलसीदास
Topic: रामचरितमानस
Correct Answer
Option D
Explanation

रामचंद्रिका व्याख्या: प्रस्तुत पंक्तियाँ केशवदास द्वारा रचित 'रामचंद्रिका' से ली गई हैं। केशवदास अपनी क्लिष्ट काव्य शैली और अलंकारों के प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। यह पंक्ति उनकी इसी शैली का उदाहरण है। इसमें 'जरी' शब्द का बार-बार प्रयोग और अलंकारों की छटा रामचंद्रिका की विशेषता है। अन्य विकल्पों की अस्वीकृति: 1. रामायण: रामायण, वाल्मीकि द्वारा रचित है और यह संस्कृत में है। प्रस्तुत पंक्तियाँ रामायण की भाषा और…Read More

- HTET Level 3 | Clear Cutoff