Question
Easy

कविता के लिए चित्र भाषा की आवश्यकता पड़ती है, उसके शब्द सस्वर होने चाहिए, जो बोलते हों, सेब की तरह जिनके रस की मधुर लालिमा भीतर न समा सकने के कारण बाहर झलक पड़े।' उक्त पंक्तियाँ किस छायावादी ग्रंथ की भूमिका से ली गई हैं ?

1
वीणा से
2
पल्लव से
3
लोकायतन से
4
स्वर्ण किरण से
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: नामवर सिंह
Topic: छायावाद
Correct Answer
Option B
Explanation

पल्लव से। व्याख्या: उपरोक्त पंक्तियाँ सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित छायावादी काव्य संग्रह 'पल्लव' की भूमिका से ली गई हैं। 'पल्लव' की भूमिका छायावाद के सिद्धांतों और काव्य भाषा पर पंत के विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करती है। इन पंक्तियों में, पंत कविता के लिए चित्र भाषा (अर्थात, ऐसी भाषा जो मन में चित्र उत्पन्न करे), सस्वर शब्दों (जो सुनने में मधुर हों और अर्थ व्यक्त करें), और ऐसे…Read More

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