Question
Easy

"समय ही वह रंग है जो अनेक-अनेक रंगों में विभाजित होता है और पठन-पाठन प्रक्रिया द्वारा फिर एक हो जाता है।" प्रस्तुत उद्धरण किस प्रसिद्ध साहित्यकार का है ?

1
प्रेमचंद
2
कृष्णा सोबती
3
नासिरा शर्मा
4
बालमुकुंद गुप्त
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: रचना कौशल
Topic: जीवन दृष्टि
Correct Answer
Option B
Explanation

कृष्णा सोबती। व्याख्या: कृष्णा सोबती एक प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यकार थीं, जो अपनी भाषा शैली और विषयों के चुनाव के लिए जानी जाती हैं। उनके लेखन में समय, स्मृति और मानवीय संबंधों की जटिलताओं का गहरा चित्रण मिलता है। दिया गया उद्धरण, "समय ही वह रंग है जो अनेक-अनेक रंगों में विभाजित होता है और पठन-पाठन प्रक्रिया द्वारा फिर एक हो जाता है," कृष्णा सोबती की लेखन शैली और उनके विचारों…Read More

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