Question
Easy
"हिन्दुस्तान में सर्वमान्य हो सकने वाली कोई लिपि है तो वह देवनागरी ही है ...। यदि राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना है तो पहले देवनागरी लिपि को समृद्ध करना होगा।" उक्त कथन किस विचारक का है ?
1
डॉ० सुनीति कुमार चटर्जी
2
भोलानाथ तिवारी
3
बाल गंगाधर तिलक
4
महात्मा गाँधी
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: नंददुलारे वाजपेयी
Topic: हिंदी साहित्य : बीसवीं शताब्दी
Correct Answer
Option D
Explanation
महात्मा गाँधी के कथन के रूप में देवनागरी लिपि को राष्ट्रीय एकता के लिए महत्वपूर्ण बताने का औचित्य इस प्रकार है: महात्मा गाँधी हमेशा से ही स्वदेशी और भारतीय भाषाओं के उत्थान के प्रबल समर्थक रहे थे। देवनागरी लिपि, जो हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त होती है, को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वमान्य बनाने का विचार उनकी स्वदेशी भावना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की सोच के…Read More
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