Question
Easy

ब्रह्मास्वादमिवानुभावयन् अलौकिकचमत्कारकारी रसः।' रस-विषयक यह स्थापना किस आचार्य की है ?

1
भरतमुनि
2
शंकुक
3
मम्मट
4
विश्वनाथ
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option C
Explanation

मम्मट। व्याख्या: 'ब्रह्मास्वादमिवानुभावयन् अलौकिकचमत्कारकारी रसः' - रस के विषय में यह स्थापना आचार्य मम्मट की है। मम्मट ने अपने ग्रंथ 'काव्यप्रकाश' में रस को इसी प्रकार परिभाषित किया है। मम्मट के अनुसार, रस का अनुभव ब्रह्मानंद के समान होता है और यह अलौकिक चमत्कार उत्पन्न करता है। यह परिभाषा मम्मट के रस-सिद्धांत का सार है, जिसमें रस को काव्य का प्राण माना गया है और उसे आनंद का स्रोत बताया…Read More