Question
Easy
प्रेमचंद के फटे जूते' नामक निबंध में व्यंग्य-विषय है -
1
वेशभूषा के प्रति लोगों की उदासीनता
2
खान-पान में शुद्धता का अभाव
3
पुरातन रीति-रिवाज
4
दिखावे की प्रवृत्ति एवं अवसरवादिता
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: हरिशंकर परसाई
Topic: प्रेमचंद के फटे जूते
Correct Answer
Option D
Explanation
'प्रेमचंद के फटे जूते' नामक निबंध में व्यंग्य-विषय दिखावे की प्रवृत्ति एवं अवसरवादिता है, क्योंकि: * Option 4 सही क्यों है: प्रेमचंद के फटे जूते उनकी सादगी और आडंबरहीन जीवनशैली को दर्शाते हैं। लेखक, हरिशंकर परसाई, इस निबंध में प्रेमचंद के व्यक्तित्व के माध्यम से समाज में व्याप्त दिखावे की प्रवृत्ति और अवसरवादिता पर व्यंग्य करते हैं। प्रेमचंद अपनी वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास नहीं करते, जबकि समाज में…Read More
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