Question
Easy
खड़ी बोली को 'जनपदीय हिंदुस्तानी' कहने वाले भाषा वैज्ञानिक हैं -
1
ग्रियर्सन
2
गिलक्राइस्ट
3
सुनीति कुमार चटर्जी
4
धीरेन्द्र वर्मा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation
सुनीति कुमार चटर्जी Explanation: सुनीति कुमार चटर्जी ने खड़ी बोली को 'जनपदीय हिंदुस्तानी' कहा था। उन्होंने भाषा के विकास और उसके विभिन्न रूपों के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 'जनपदीय हिंदुस्तानी' शब्द का प्रयोग करके, चटर्जी ने खड़ी बोली की उस विशेषता को उजागर किया जो उसे विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली हिंदुस्तानी भाषा के रूप में दर्शाती है। यह नामकरण खड़ी बोली के स्थानीय और क्षेत्रीय स्वरूप को…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2020
"इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।"
'रामचरितमानस' की इस पंक्ति में 'कुम्हड़बतिया' से क्या आशय है ?
Chapter :
तुलसीदास
Topic :
रामचरितमानस
Question 2
Easy
Source :
HTET 2020
दिए गए कूट की सहायता से निम्नांकित उपन्यासों और उपन्यासकारों को सुमेलित कीजिए - उपन्यास : उपन्यासकार (अ) चित्तकोबरा : (i) राजेंद्र यादव (ब) सूरजमुखी…
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 3
Easy
Source :
HTET 2020
राजस्थान की रजत बूँदें' के रचनाकार हैं -
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy
Source :
HTET 2020
दिनकर की इनमें से कौन-सी रचना ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास