Question
Easy
काव्यशोभायाः कर्तारो धर्मा गुणाः।' काव्य-गुण की यह परिभाषा प्रस्तुत करने वाले आचार्य हैं -
1
वामन
2
मम्मट
3
विश्वनाथ
4
भरतमुनि
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: काव्य के तत्व
Correct Answer
Option A
Explanation
वामन। 'काव्यशोभायाः कर्तारो धर्मा गुणाः।' काव्य-गुण की यह परिभाषा आचार्य वामन द्वारा दी गई है। वामन ने अपने ग्रंथ 'काव्यालंकारसूत्रवृत्ति' में काव्य के गुणों को परिभाषित करते हुए यह सूत्र दिया है। वामन रीति संप्रदाय के प्रतिष्ठापक आचार्य हैं और उन्होंने काव्य में गुणों के महत्व को स्थापित किया। अब अन्य विकल्पों की व्याख्या: * मम्मट: मम्मट ने 'काव्यप्रकाश' नामक ग्रंथ लिखा, जिसमें उन्होंने काव्य के स्वरूप, हेतु, प्रयोजन आदि…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2020
जामुन का पेड़' नामक कहानी का केन्द्रीय भाव है -
Chapter :
रचना कौशल
Topic :
जीवन दृष्टि
Question 2
Easy
Source :
HTET 2020
किस विकल्प में ‘क्रियाविशेषण’ प्रयुक्त नहीं हुआ है ?
Chapter :
शब्द भेद
Topic :
अव्यय परिभाषा एवं भेद
Question 3
Easy
Source :
HTET 2020
भवानी प्रसाद मिश्र का कौन-सा काव्य संग्रह साहित्य अकादमी से पुरस्कृत है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy
Source :
HTET 2020
Number of asymptotes of the curve $x^{2}y^{2}=a^{2}(x^{2}+y^{2})$ is :
Chapter :
Vectors and Coordinate Geometry
Topic :
Two Dimensional Geometry