Question
Easy
हिंदी कविता में राष्ट्रीय चेतना की दृष्टि से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
1
आश्रयदाता की स्तुति में रचित आदिकालीन वीरगाथात्मक काव्य राष्ट्रीय कविता का संकुचित और विकृत रूप है।
2
भूषण की राष्ट्रीय भावना में अखंड भारत के निर्माण का स्वर प्रमुख है।
3
द्विवेदी युग के कवियों की राष्ट्रीय भावना आदर्शवादी है और उसमें सुधार की प्रवृत्ति है।
4
छायावादी कवियों ने अपनी देशभक्ति को एक सांस्कृतिक आवरण से मंडित किया है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation
भूषण की राष्ट्रीय भावना में अखंड भारत के निर्माण का स्वर प्रमुख है - यह कथन सही नहीं है। क्यों विकल्प 2 सही है: भूषण की कविता में राष्ट्रीय चेतना अवश्य है, लेकिन यह मुख्य रूप से शिवाजी और छत्रसाल जैसे हिंदू राजाओं की वीरता के वर्णन और मुगल साम्राज्य के खिलाफ उनके संघर्षों के चित्रण पर केंद्रित है। उनकी कविता का उद्देश्य हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा करना…Read More
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