Question
Easy
काव्य गुणों के विषय में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
1
आचार्य वामन गुण को शब्दार्थ का धर्म मानते हैं।
2
आनंदवर्धनाचार्य गुण को रस का धर्म मानते हैं।
3
भरतमुनि ने गुणों को दस शब्दगुणों और दस अर्थगुणों में विभाजित किया है।
4
मम्मट ने तीन ही गुण माने हैं – माधुर्य, ओज और प्रसाद।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: काव्य के तत्व
Correct Answer
Option C
Explanation
काव्य गुणों के विषय में कथन 3 सही नहीं है, क्योंकि भरतमुनि ने गुणों को दस शब्दगुणों और दस अर्थगुणों में विभाजित नहीं किया है। भरतमुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में दस गुणों का उल्लेख तो किया है, लेकिन उन्होंने उन्हें शब्दगुणों और अर्थगुणों में विभाजित नहीं किया। उन्होंने केवल दस गुणों की चर्चा की है जो काव्य में होने चाहिए। अब अन्य विकल्पों की व्याख्या: 1. **आचार्य वामन गुण को…Read More
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