Question
Easy
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्त्व संत काव्यधारा में परिलक्षित नहीं होता है ?
1
नाम-जप को साधना का मूलाधार मानना।
2
गुरु को ब्रह्म से भी महान मानना।
3
साधना का द्वार सबके लिए उन्मुक्त मानना।
4
वैष्णवों की नवधा भक्ति का परंपरा समर्थित रूप का समर्थन करना।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option D
Explanation
वैष्णवों की नवधा भक्ति का परंपरा समर्थित रूप का समर्थन करना, संत काव्यधारा में परिलक्षित नहीं होता है। इसका कारण यह है कि संत काव्यधारा, भक्ति के बाह्य आडंबरों और कर्मकांडों का विरोध करती है। वैष्णवों की नवधा भक्ति में पूजा-पाठ, मूर्ति पूजा, तीर्थ यात्रा आदि कर्मकांडों पर जोर दिया जाता है, जबकि संत कवि इन सब से ऊपर उठकर आंतरिक साधना, नाम-स्मरण और गुरु के मार्गदर्शन को महत्व देते…Read More
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