Question
Easy

"जब कि प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब होता है तब यह निश्चित है कि जनता की चित्तवृत्ति के परिवर्तन के साथ-साथ साहित्य के स्वरूप में भी परिवर्तन होता चला जाता है।" उक्त विचार किसका है ?

1
बाबू गुलाबराय
2
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
3
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
4
डॉ नगेंद्र
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

आचार्य रामचंद्र शुक्ल आचार्य रामचंद्र शुक्ल सही उत्तर क्यों है: आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आलोचक थे। उनकी आलोचना पद्धति में समाज और साहित्य के बीच के संबंध को बहुत महत्व दिया जाता था। दिया गया कथन, जिसमें साहित्य को जनता की चित्तवृत्ति का प्रतिबिंब बताया गया है और यह कहा गया है कि चित्तवृत्ति में परिवर्तन के साथ साहित्य में भी परिवर्तन होता…Read More

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