Question
Easy

किस विद्वान ने कनौजी और बुंदेली का अलग-अलग अस्तित्व न मानकर उन्हें ब्रजभाषा के ही उपरूप माना है ?

1
भोलानाथ तिवारी
2
धीरेंद्र वर्मा
3
जॉर्ज ग्रियर्सन
4
सुनीतिकुमार चटर्जी
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

Explanation: Option 2: धीरेंद्र वर्मा (Dhirendra Verma) - Correct धीरेंद्र वर्मा ने कनौजी और बुंदेली को ब्रजभाषा के ही उपरूप माना है। उनकी भाषावैज्ञानिक दृष्टि ब्रजभाषा के क्षेत्र को व्यापक मानती है और कनौजी तथा बुंदेली को ब्रजभाषा के अंतर्गत ही समाहित करती है। उन्होंने इन दोनों बोलियों की संरचना और शब्दावली में ब्रजभाषा के साथ समानताएं देखीं, जिसके आधार पर उन्होंने यह मत प्रस्तुत किया कि ये ब्रजभाषा से…Read More

- HTET Level 3 | Clear Cutoff