Question
Easy
"भक्ति आंदोलन के पूर्व सबसे शक्तिशाली धार्मिक आंदोलन गोरखनाथ का योगमार्ग ही था।" उक्त कथन किसका है ?
1
डॉ० पीतांबरदत्त बड़थ्वाल
2
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
3
डॉ० रामकुमार वर्मा
4
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option D
Explanation
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी। व्याख्या: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने भक्ति आंदोलन के पूर्व गोरखनाथ के योगमार्ग को सबसे शक्तिशाली धार्मिक आंदोलन माना था। द्विवेदी जी ने नाथ संप्रदाय और गोरखनाथ के साहित्य का गहन अध्ययन किया और उनके प्रभाव को भक्ति आंदोलन की पृष्ठभूमि के रूप में स्थापित किया। उन्होंने अपनी रचनाओं में गोरखनाथ के योगमार्ग की व्यापकता और समाज पर उसके गहरे प्रभाव का उल्लेख किया है। द्विवेदी जी का…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2021
किस विद्वान ने कनौजी और बुंदेली का अलग-अलग अस्तित्व न मानकर उन्हें ब्रजभाषा के ही उपरूप माना है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 2
Easy
Source :
HTET 2021
छाया मत छूना' कविता में 'छाया' शब्द से कवि का क्या अभिप्राय है ?
Chapter :
रचना कौशल
Topic :
जीवन दृष्टि
Question 3
Easy
Source :
HTET 2021
किस विद्वान ने केवल पश्चिमी हिंदी और पूर्वी हिंदी को ही वास्तविक हिंदी माना है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy
Source :
HTET 2021
निम्नलिखित में से कौन-सा विचार अम्बेडकर के विचारों के अनुरूप नहीं है?
Chapter :
रचना कौशल
Topic :
जीवन दृष्टि