Question
Easy
"प्रभु प्रलाप सुनि कान बिकल भय बानर निकर। आई गयउ हनुमान जिमि................।।" लक्ष्मण मूर्च्छा से संबंधित उक्त काव्यांश में हनुमान के अवतरण को किस रूप में चित्रित किया गया है ?
1
करुण रस के बीच शांत रस का आविर्भाव
2
शृंगार रस के बीच रौद्र रस की विकरालता
3
करुण रस के बीच वीर रस का प्रस्फुटन
4
भयानक रस के बीच हास्य रस की फुहार
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option C
Explanation
करुण रस के बीच वीर रस का प्रस्फुटन - यह विकल्प सही है क्योंकि दिए गए काव्यांश में लक्ष्मण की मूर्च्छा के कारण वानर सेना में करुणा और व्याकुलता का माहौल है। हनुमान का आगमन इस करुणापूर्ण वातावरण में वीर रस का संचार करता है। हनुमान का आना एक आशा की किरण है, जो लक्ष्मण को बचाने और संकट को दूर करने की शक्ति का प्रतीक है। यह एक वीर…Read More
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