Question
Easy
“दुख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज, जो नहीं कही।” काव्य पंक्तियाँ हैं :
1
निराला की राम की शक्ति पूजा से।
2
निराला की सरोज स्मृति से।
3
अज्ञेय की असाध्य वीणा से।
4
मुक्तिबोध की ब्रह्मराक्षस से।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
Topic: सरोज स्मृति
Correct Answer
Option B
Explanation
"दुख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज, जो नहीं कही।" ये काव्य पंक्तियाँ निराला की सरोज स्मृति से हैं। Option 2 सही क्यों है: * ये पंक्तियाँ सीधे तौर पर सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की शोक-गीत 'सरोज स्मृति' से उद्धृत हैं। यह कविता निराला ने अपनी दिवंगत पुत्री सरोज की याद में लिखी थी। कविता में पिता के हृदय का गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त होती है। ये पंक्तियाँ…Read More
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