Question
Easy

असंगत कथन चुनिए :

1
भूषण को 'कवि भूषण' की उपाधि सोलंकी राजा रुद्र शाह ने प्रदान की।
2
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने रीतिकालीन कवि केशव को ‘कठिन काव्य का प्रेत' कहा है।
3
आचार्य शुक्ल ने घनानन्द के बारे में कहा है कि - इनकी-सी विशुद्ध सरस एवं शक्तिशालिनी ब्रजभाषा लिखने में और कोई कवि समर्थ नहीं हुआ।
4
महाकवि बिहारी द्वारा रचित 'बिहारी सतसई' ब्रजभाषा में लिखित काव्य ग्रंथ है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option B
Explanation

असंगत कथन है: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने रीतिकालीन कवि केशव को ‘कठिन काव्य का प्रेत' कहा है। व्याख्या: यह कथन असंगत है क्योंकि आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने नहीं, बल्कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने रीतिकालीन कवि केशवदास को ‘कठिन काव्य का प्रेत' कहा था। आचार्य शुक्ल ने केशवदास की कविता में क्लिष्टता और दुरूहता को देखते हुए यह टिप्पणी की थी। अब अन्य विकल्पों की व्याख्या: * **भूषण को…Read More