Question
Easy
डॉ० नगेन्द्र के मत में रीति-निरूपण का आरंभिक ग्रंथ है :
1
केशवदास कृत कविप्रिया
2
सूरदास कृत साहित्य लहरी
3
कृपाराम कृत हिततरंगिणी
4
चिंतामणि कृत कविकल्पद्रूप
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option C
Explanation
सही विकल्प 3 है: डॉ० नगेन्द्र के अनुसार कृपाराम द्वारा रचित 'हिततरंगिणी' (1541 ई.) हिंदी में रीति-निरूपण का प्रथम ग्रंथ है। यद्यपि हिंदी साहित्य में रीति-परंपरा के व्यवस्थित प्रवर्तन का श्रेय प्रायः आचार्य केशवदास को दिया जाता है, किंतु कालक्रम की दृष्टि से डॉ० नगेन्द्र ने कृपाराम को वरीयता दी है। 'हिततरंगिणी' में रस और नायक-नायिका भेद का विवेचन संस्कृत की शास्त्रीय पद्धति पर किया गया है, जो रीतिकालीन प्रवृत्तियों…Read More
Similar Questions from REET Exam - Paper 1 - Year 2018
Question 1
Easy
Source :
HTET 2023
छायावाद के संबंध में असत्य विकल्प चुनिए :
Chapter :
नामवर सिंह
Topic :
छायावाद
Question 2
Easy
Source :
HTET 2023
"मानुस हों तो वही रसखानि, बसौं ब्रज गोकुल गाँव कि ग्वारिन। जो पसु हौं तो कहा बसु मेरो, चरौं नित नंद कि धेनु मँझारिन।।" उपर्युक्त…
Chapter :
काव्यशास्त्र
Topic :
छंद
Question 3
Easy
Source :
HTET 2023
“संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी।” किस अनुच्छेद में वर्णित है ?
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास
Question 4
Easy
Source :
HTET 2023
रचना तथा रचनाकार के संबंध में असंगत युग्म चुनिए :
Chapter :
आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic :
हिंदी साहित्य का इतिहास