Question
Easy

आ० विश्वनाथ के मत में रस की विशेषता नहीं है :

1
रस सत्त्वोद्रेकमय है।
2
रस ब्रह्मानंद है।
3
रस अखण्ड है।
4
रस लोकोत्तर चमत्कार प्राण है।
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 2
Chapter: काव्यशास्त्र
Topic: रस
Correct Answer
Option B
Explanation

The correct option is 2: आचार्य विश्वनाथ ने अपने ग्रंथ साहित्य दर्पण में रस के स्वरूप की विस्तृत व्याख्या की है। उनके अनुसार रस ब्रह्मास्वादसहोदर है, न कि साक्षात् ब्रह्मानंद। इसका अर्थ यह है कि रसास्वाद की प्रक्रिया ब्रह्मानंद (ईश्वर प्राप्ति के आनंद) के समान तो है, लेकिन वह वही नहीं है। ब्रह्मानंद चिरस्थाई और आध्यात्मिक होता है, जबकि काव्यानंद लौकिक आलंबनों के माध्यम से उत्पन्न होता है और वह…Read More