Question
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“भारतेन्दु का पूर्ववर्ती काव्य-साहित्य संतों की कुटिया से निकलकर राजाओं और रईसों के दरबार में पहुँच गया था, उन्होंने एक तरफ़ तो काव्य को फिर से भक्ति की पवित्र मन्दाकिनी में स्नान कराया और दूसरी तरफ़ उसे दरबारीपन से निकालकर लोक-जीवन के आमने-सामने खड़ा कर दिया।” उक्त कथन का संबंध किस आलोचक से है ?

1
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
2
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
3
रामस्वरूप चतुर्वेदी
4
डॉ० रामविलास शर्मा
Question Details
Time to Solve: 12
Exam: HTET
Level/Paper: Level 3
Chapter: आचार्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल
Topic: हिंदी साहित्य का इतिहास
Correct Answer
Option
Explanation

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